कविता - नववर्ष का अभिनंदन

नव पल में हम नव उमंग से

अभिनंदन नव वर्ष करें । 

नव विहान में नव स्वप्नों को 

पल्वित कर परिपूर्ण करें ।। 


नव युग का निर्माण करें हम

मन को नवचेतन बल दें, 

भूख, गरीबी, बेकारी को

दूर भगा नूतन कल दें,

भ्रष्टाचार मिटा करके हम

नव भारत निर्माण करें । 

नव विहान में नव स्वप्नों को

पल्वित कर परिपूर्ण करें ।। 


वो पल फिर आयेगा जब

सोने की चिड़िया फिर होगी, 

राजगुरु संग भगत सिंह

झाॅंसी की रानी फिर होगी,

जन्मभूमि के हित के खातिर

निज स्वार्थों का बलिदान करें । 

नव विहान में नव स्वप्नों को

पल्वित कर परिपूर्ण करें ।। 


जब हम स्वार्थ रहित होंगे

तब ही नव जागृति होगी,

नव रूप मिलेगा स्वप्नों को

नव पर, नव आकृति होगी,

प्रेम भाव के पुष्पों से

माँ भारत का श्रृंगार करें । 

नव विहान में नव स्वप्नों को

पल्वित कर परिपूर्ण करें ।। 


@सरोज गुप्ता

Comments

  1. अद्भुत कविता🙏

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    1. धन्यवाद गुंजित बेटा, नववर्ष मंगलमय हो 💐💐

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  2. बहुत ही सुंदर कविता हुई है मैम। नववर्ष की शुभकामनाएं

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    1. धन्यवाद आपका रानी बेटा 🙏🙏💐
      आपको भी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ💐💐

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  3. अति सुंदर, नववर्ष शुभकामना संदेश मैम, तथास्तु 🙏💐

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  4. मन को उत्साहित करने वाली आनंदित करने वाली कविता 👌👌

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    1. धन्यवाद आपका आदरणीय 🙏🙏

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  5. बहुत ख़ूबसूरत 💐💐💐❤️

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